वे सपने देखते हैं। मधुमक्खियां काले घूंघट से गुजरती हैं। खुला शरीर। मौन के पौधे। वह अब स्मृति को नहीं जानता। कड़ी स्मृति। असममित निकायों का। अनंत माँ रात। अब रोना नहीं है। चलना नहीं जानता। तब नहीं? फिर आप।
सेंस, फिर एक्स-आइस्टो एक परिकल्पना / थीसिस के रूप में।